Fri. Aug 29th, 2025

हाथरस (डेस्क) जिले में अलीगढ़ से आई एंटी करप्शन टीम ने एक दरोगा को दस हजार रुपए की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।एंटी करप्शन टीम इस दरोगा को हाथरस गेट कोतवाली ले गई और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।एंटी करप्शन टीम की इस कार्यवाही से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।आपको बता दे कि हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अय्यापुर निवासी साहब सिंह ने पिछले दिनों कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना हाथरस जिले की कोतवाली सदर क्षेत्र के आगरा रोड पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा के पास थी। दरोगा अनिल शर्मा ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। इस पर संबंधित क्षेत्राधिकारी की ओर से आपत्ति लगा दी गई और इस विवेचना को वापस दरोगा अनिल शर्मा के पास भेज दिया गया। अब दरोगा अनिल शर्मा ने पीड़ित साहब सिंह से दस हजार रुपए की डिमांड कर दी। चौकी इंचार्ज ने साहब सिंह से यह कहा कि वह दस हजार रुपए दे देगा तो वह कार्रवाई कर देगा। इसकी शिकायत साहब सिंह ने एंटी करप्शन टीम से कर दी। अलीगढ़ से एंटी करप्शन टीम के प्रभारी देवेंद्र सिंह अपनी पूरी टीम के साथ यहां आए और उन्होंने पूरा जाल बिछाया। दरोगा अनिल शर्मा जब साहब सिंह से दस हजार रुपए की रिश्वत पुलिस चौकी पर ले रहा था तो एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। उस टीम को पांच पांच सौ के बीस नोट मिले। टीम उसे अपने साथ पकड़कर हाथरस गेट कोतवाली ले गई। वहां पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी दरोगा को एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। इधर शिकायतकर्ता साहब सिंह का बेटा भी पुलिस में दरोगा है और उसकी तैनाती मेरठ में है। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने वाले दरोगा को यह भी बताया कि उसका बेटा भी पुलिस में है लेकिन फिर भी दरोगा ने उससे रिश्वत मांगी और स्टाफ का भी लिहाज नहीं किया।

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