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अमरोहा (डेस्क) कब्रिस्तान की पवित्र ज़मीन पर भूमाफियाओं का कब्ज़ा, जिम्मेदारों ने सीलिंग की कार्यवाही कर झाड़ा पल्ला
तहसील की रिपोर्ट में कब्रिस्तान की ज़मीन होने का दावा, छोटी कार्यवाही से खड़े हो रहे सवालिया निशान
सुभासपा जिलाध्यक्ष ने डीएम को पत्र सौंप कर की कब्ज़ा करने वालों पर एंटी-भूमाफिया कार्रवाई की माँग अमरोहा तहसील क्षेत्र के मोहल्ला सराय कोहना स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा कब्ज़ा जमाए जाने और उस पर अवैध निर्माण खड़ा कर देने का मामला तूल पकड़ गया है।

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सुभासपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल तोमर ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों पर ही मिलीभगत का आरोप लगाया है।
सत्यपाल तोमर ने पत्र में लिखा है कि कब्रिस्तान जैसी पवित्र भूमि को भी भूमाफियाओं ने नहीं छोड़ा। सबसे शर्मनाक बात यह है कि यह कब्ज़ा प्रशासनिक अधिकारियों की खुली मिलीभगत से हुआ। वक्फ मंत्री ओमप्रकाश राजभर तक शिकायत पहुँचने के बाद तहसील प्रशासन ने महज़ औपचारिकता के तौर पर निर्माण को सील कर दिया। अपनी ही रिपोर्ट में यह भूमि कब्रिस्तान की सिद्ध होने के बावजूद कब्ज़ेदारों पर किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने साफ आदेश दिए हैं कि कब्रिस्तान, श्मशान, सरकारी, वक्फ या समाज की किसी भी ज़मीन पर कब्ज़ा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा तो फिर अमरोहा तहसील में यह अपवाद क्यों बनाया गया। क्या वजह है कि केवल सीलिंग कर खानापूर्ति कर दी गई और कब्ज़ेदारों को संरक्षण मिल गया।
सत्यपाल तोमर ने कहा कि यह पूरा मामला सरकार के एंटी-भूमाफिया अभियान की धज्जियाँ उड़ाने वाला है। इससे यह संदेह गहरा होता है कि कुछ अधिकारी भूमाफियाओं को बचाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने की नीयत से काम कर रहे हैं। यह न केवल प्रशासनिक ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है बल्कि जनता का भरोसा भी हिलाता है।
सुभासपा जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी से तीन प्रमुख माँगें की हैं अवैध निर्माण को तत्काल ध्वस्त कराया जाए। कब्ज़ेदारों के खिलाफ एंटी-भूमाफिया एक्ट के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाए। मिलीभगत करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ निलंबन व विभागीय कार्यवाही की जाए।सत्यपाल तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि तहसील के जिम्मेदार अधिकारी स्वयं भूमाफियाओं के संरक्षक बने हुए है।

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